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26 January (Republic Day) in Hindi - गणतंत्र दिवस की जानकारी?

गणतंत्र दिवस अर्थात 26 जनवरी भारत में अत्यधिक राष्ट्रीय महत्व का दिन है ! क्योंकि इसी दिन सन 1950 में देश का संविधान पूर्णतया लागु हुआ था और तब से हर वर्ष यह गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है ! आजाद होने से पूर्व भी इस दिन स्वतंत्र होने की प्रतिज्ञा को दोहराया जाता था ! लेकिन अब देश के आजाद हो जाने के बाद इसे प्रति वर्ष देश की प्रगति दिखाने वाले दिन गणतंत्र दिवस के रूप में जाना जाता है और देश की रक्षा के प्रतीकों, तकनीको, आधुनिक-हथियार,रक्षा-प्रणाली सैन्य-संसाधनो आदि की विशिष्टता को भी दिखाया जाने लगा है.

अखिल भारतीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया था की- ‘’पूर्ण स्वराज्य प्राप्त करना ही हमारा धेय्य है !’ पंडित जवाहर लाल नेहरु ने रावी नदी के तट पर सर्व प्रथम तिरंगा लहरा कर यह घोषणा की थी की यदि ब्रिटिश सरकार को ओपनिवेशक स्वराज हमे देना है तो दे, अन्यथा 1 जनवरी 1930 से इसके बाद हमारी मांग पूर्ण स्वराज की होगी ! इस घोषणा के बाद कांग्रेस द्वारा तैयार घोषणा पत्र को भी सार्वजनिक रूप से पढ़ा गया.
इसी क्रम में 26 जनवरी 1930 को तिरंगे के साथ जुलुस निकाले गए और कई सभाए भी की गयी ! यह निश्चित किया गया की जब तक हमे पूर्ण स्वतन्त्रता नहीं मिल जाती हमारा यह आन्दोलन जारी रहेगा चाहे इसमें अब कितनी भी बाधा और विपदा आ जाए ! इस प्रकार आजादी को पाने की इस कोशिश में कइयो ने लाठी-गोली खाई और जान की बलि दी ! इस प्रकार कई परेशानिया पाकर आखिर 1947 में स्वतन्त्रता का सपना साकार हुआ और देश को अंग्रेजो से और इनके शासन से आजादी मिल गयी.
1950 में जब संविधान बनकर तैयार हो गया तो इसे लागु करने की तिथि को लेकर भी काफी गहन विचार-विमर्श हुआ ! सविधान सभा के अध्यक्ष भीम राव आंबेडकर ने प्रजातंत्र शासन की घोषणा करते हुए अंत में इसे 26 जनवरी 1950 को लागु भी कर दिया गया ! इस प्रकार देश के लिए यह दिन अत्यंत महत्व रखता है क्योंकि इसी दिन सारे नागरिको को संविधान के समान अधिकार दिए गए ! संविधान में स्पष्ट किया गया की भारत अनेक राज्यों का एक संघ होगा.
जनता में देश भक्ति की भावना जाग्रत करने और उत्साह की प्रेरणा देने के उद्देश्य से गणतंत्र दिवस के आयोजन पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ! जिला मुख्यालयों से लेकर हर सरकारी भवन तक इसे उत्सव के रूप में मनाया जाता है ! यह समारोह विशेष रूप से देश की राजधानी दिल्ली में विशेष मनाया जाता है ! गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के राष्ट्रपति का देश की आम जनता के नाम सन्देश आता है ! और अगले दिन गणतंत्र दिवस को अमर जवान ज्योति के अभिवादन के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत होती है.
सर्व प्रथम देश के प्रधान मंत्री द्वारा अमर जवान ज्योति का अभिवादन किया जाता है ! इसके पश्चात राष्ट्रपति देश की सेनाओ की सलामी लेने के लिए इंडिया गेट के मंच के पास आते है जहा तीनो सेनाओ के सेनापति उनका सम्मान करते है ! इसके बाद राष्ट्रपति अपना आसन ग्रहण करते है जहा उनके साथ अन्य देशो के प्रमुख भी अथिति रूप में होते है ! सैनिको को श्रेष्ठ कार्यो के लिए सम्मान दिया जाता है.
इसके बाद गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड शुरू होती है ! इसमें सर्वप्रथम जल, थल और वायुसेना के अधिकारी आगे चलते है जिन्हें परमवीर, अशोक और शौर्य चक्र आदि से सम्मानित किया जाता है ! इसके साथ ही सेना की तीनो टुकडियो के अलावा सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, ओधोगिक सुरक्षा बल आदि शामिल होते है ! इसमें सेना के बैंड राष्ट्रीय धुन बजाते हुए चलते है ! इसके बाद राज्यों की संस्कृति और उपलब्धि को दिखाती हुई कई प्रकार की रंग-बिरंगी झांकिया आती है ! और अंत में विभिन्न स्कूलों के बच्चे रंग-बिरंगी वेशभूषा में कई प्रकार के करतब दिखाते हुए साथ चलते है.
राज पथ से निकल कर यह परेड इंडिया गेट होती हुई लाल किले तक जाती है ! किन्तु पिछले कुछ वर्षो से आतंकी गतिविधियों की वजह से इसका मार्ग बदल कर बहादुर शाह जफ़र मार्ग करते हुए लाल किले तक कर दिया गया है ! परेड के अंत मे वायु सेना के विमान आकाश में तिरंगा बनाते हुए विजक चौक के ऊपर से गुजरते है ! कुछ विमान पुष्प वर्षा भी करते है ! इस अवसर पर संसद भवन के साथ ही राष्ट्रीय महत्व के अन्य प्रतीक स्थलों पर विशेष सजावट और रौशनी भी की जाती है ! फिर इसी दिन शाम को देश के राष्ट्रपति द्वारा अपने निवास पर सांसदों, राजनेताओ अन्य देशो से पधारे हुए मेहमान और राजदूतो के साथ स्थानीय गणमान्य नागरिको को सामूहिक भोज भी दिया जाता है.


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